कुछ ग़लत लगे तो पहले हट जाइए। कारण बाद में ढूँढ सकते हैं; यह आपके सोच पूरी करने का इंतज़ार नहीं करता।
एक बहुत धीमी आवाज़ वाला अंतर्ज्ञान, जो अक्सर ठीक उसी सेकंड उभरता है जब बात घट रही होती है।
कुछ ग़लत लगे तो पहले हट जाइए। कारण बाद में ढूँढ सकते हैं; यह आपके सोच पूरी करने का इंतज़ार नहीं करता।
अक्सर इसे “वहमी होना” कहा जाता है। यह न दोहराता है न समझाता है, इसलिए बाद में आपको सबूत नहीं मिलता। सबूत न मिलना इसका ग़लत होना नहीं — यह बस सबूत देने की ज़िम्मेदारी नहीं लेता।