पहले ख़ुद से पूछिए कि यह फ़ायदे का सौदा है या नहीं, फिर देखिए दूसरे क्या उम्मीद करते हैं। क्रम उलटा हो तो सबसे ज़्यादा थकान होती है।
आपका जवाब इस बात से बँधा है कि यह काम आपके लिए सार्थक है या नहीं; बोलकर कहने पर ही वह साफ़ सुनाई देता है।
पहले ख़ुद से पूछिए कि यह फ़ायदे का सौदा है या नहीं, फिर देखिए दूसरे क्या उम्मीद करते हैं। क्रम उलटा हो तो सबसे ज़्यादा थकान होती है।
अक्सर ग़लतफ़हमी होती है कि यह हिसाबी होना है। आपको बस पहले यह जाँचना होता है कि उसमें आपकी भी जगह है। जिस हाँ में आपकी जगह न हो, वह अंत तक नहीं टिकती — यह आपकी कंजूसी नहीं, वह जगह सचमुच ख़ाली है।