अहम बातों पर तुरंत हाँ मत कहिए। आप ढुलमुल नहीं, आपको बस वह एक रात चाहिए।
आपकी स्पष्टता उसी पल में नहीं आती; वह उतार-चढ़ाव गुज़र जाए, तभी आप सही देख पाते हैं।
अहम बातों पर तुरंत हाँ मत कहिए। आप ढुलमुल नहीं, आपको बस वह एक रात चाहिए।
अक्सर इसे “भावुक होकर बह जाना” कहा जाता है। असल में आप भावनाओं में बहते नहीं, आपकी जानकारी ही कई किस्तों में आती है। जो तुरंत जवाब माँग रहा है, समस्या की जड़ वही है।