ज़बरदस्ती घुसने से अक्सर बस थकान मिलती है। आप अयोग्य नहीं; फ़र्क़ इसमें है कि किसी ने पहले कहा या नहीं।
निमंत्रण की प्रतीक्षा: कोई आपको पहचाने, आपको भीतर बुलाए, तभी आपकी क्षमता खिलती है।
ज़बरदस्ती घुसने से अक्सर बस थकान मिलती है। आप अयोग्य नहीं; फ़र्क़ इसमें है कि किसी ने पहले कहा या नहीं।
इसे अक्सर “पहल नहीं कर सकते” समझा जाता है। पहल कर सकते हैं — रिश्ते बनाने की पहल, उस काम को ख़ुद करने की नहीं। फ़र्क़ इसमें है कि आप ताक़त कहाँ लगाते हैं।