यह नहीं देखता कि कितना आया, बल्कि कि अंत में कितना बचा। सुकून यहीं से आता है।
लू छुन (祿存): जो हिस्सा टिका रहता है — पैसे और संसाधनों की निचली सीमा।
यह नहीं देखता कि कितना आया, बल्कि कि अंत में कितना बचा। सुकून यहीं से आता है।
अक्सर इसे “धन का तारा” मान लिया जाता है। असल में लू छुन उस हिस्से को संभालता है जो टिक पाता है, ज़्यादा कमाने वाले हिस्से को नहीं। दोनों अक्सर एक भाव में नहीं होते — कमाना और टिकाना, दो अलग बातें हैं।