शुरुआत करने में आप माहिर हैं, और यह सच्ची ताकत है। अंत तक न पहुँच पाना आलस नहीं — अंकुर अभी पेड़ नहीं बना।
अभी-अभी फूटा अंकुर। आवाज़ ऊँची, चाल तेज़, अभी ठीक से जमा नहीं।
शुरुआत करने में आप माहिर हैं, और यह सच्ची ताकत है। अंत तक न पहुँच पाना आलस नहीं — अंकुर अभी पेड़ नहीं बना।
इसे अक्सर “जल्दबाज़ी का साल” समझा जाता है। यह आवाज़ बाहर निकालने का साल है, दिमाग बंद करने का नहीं। आप आम दिनों से ज़्यादा हिम्मत से बोलते हैं — अंकुर फूट रहा है; फूटने के बाद भी पानी देना पड़ता है।