इस दशक में अहम मोड़ अक्सर हमउम्र लोगों से जुड़े होते हैं। तुलना करने का मन हो, तो उसे थोड़ा किनारे रखिए।
भ्रातृ-भाव (兄弟宮) भाई-बहनों, हमउम्र लोगों और आपके कंधे से कंधा मिलाकर खड़े लोगों के बारे में है।
इस दशक में अहम मोड़ अक्सर हमउम्र लोगों से जुड़े होते हैं। तुलना करने का मन हो, तो उसे थोड़ा किनारे रखिए।
इसे अक्सर “भाई-बहन हैं या नहीं” समझ लिया जाता है। असल में यह बताता है कि आप बराबरी वालों से कैसे पेश आते हैं; गिनती से इसका लेना-देना नहीं। इकलौती संतान का भी यह भाव होता है, और उसमें भी पढ़ने लायक बातें होती हैं।